कभी गर मुंतज़िर होना तो फिर खुद की तलाश करना
जो अनकहा कुछ सुन सके, तुम उसकी तलाश करना
यूँ तो सभी हैं यहाँ किसी न किसी की तलाश में लापता
जो कोई हो तुम्हारी तलाश में, तुम उसकी तलाश करना
आईना गर टूट भी जाये तो चलो जाने दो, कोई बात नहीं
जो कोई तुम्हें खुद से मिला सके, तुम उसकी तलाश करना
दिलों के अंदर और बाहर के बीच का ये जो फासला है
जो इस फासले को मिटा सके, तुम उसकी तलाश करना
इस शहर में सब है,रौनकें हैं, शोर है, भीड़ है, तन्हाईयाँ हैं
इन इमारतों में कोई घर बसा सके, तुम उसकी तलाश करना