Thursday, 1 July 2021

Random#8

अपने तस्सवुर में तुझे छू आने का सफ़र

कैसा दिलकश था तुझे पा जाने का सफ़र  


इससे पहले कि लोग हिज्र के किस्से कहे 

तय कर लेने दे वस्ल की राहत का सफ़र


न रोक मुझे लिख लेने दे किस्सा-ए-दिल 

अब ख़त्म होने को है मेरी चाहत का सफ़र 


मैं चाहता हूँ इन रास्तों पे कुछ निशान रहें

हो जाएँ आसां आते जाते राहगीरों का सफ़र


कोई पूछ रहा है कीमत इस नादानी का 

मैं कहता हूँ अच्छा रहा जैसा भी था सफ़र    



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