Thursday, 4 December 2014

यादें

यादें उनकी अपनी तन्हाई
अश्क आँखों की दिलो की गहराई
अंजुमन व शोहरत की मिली बेवफाई
यादें उनकी अपनी तन्हाई

दर्द हरा होता है
जब कभी पास आती है यादें उनकी
दिल का सौदा हुआ जाता है
शेष बच जाती है यांदे उनकी

वो आये न आये यादें आ ही जाती हैं
चाहता हूँ मुस्कराना पर आँखें भर आती हैं
यादें उनकी अपनी तन्हाई
अश्क आँखों की दिलो की गहराई

Random #38

 इतना तो सचमुच में समझदार बनना था  मुझे भी थोड़ा बहुत अदाकार बनना था  लेकर ढोते हुए सभी जुर्मों को सर अपने  कभी तो सचमुच में गुनाहगार बनना था...